निदेशक के डेस्क से:

CSMCRI Director

आपका स्वागत है

सीएसआईआर-केंद्रीय नमक व समुद्री रसायन अनुसंधान संस्थान में

मै समझता हूँ कि आप के द्वारा हमारे संस्थान की वेबसाइट के अवलोकन का उद्देश्य तकनीक और तकनीकी समाधानों के संदर्भ में हमारी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण/कौशल सहित हमारे द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य सेवाएं, मानव संसाधन विकास के अवसर, संस्थान द्वारा किए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के नवीन अनुसंधान, संस्थान का बौद्धिक मूल्यांकन या संभवतः हमारे जैसे सार्वजनिक वित्त पोषित अनुसंधान संस्थानों के विज्ञान एवं अनुसंधान परिदृश्य का अध्ययन करने की ललक जैसे अनेकों कारणों से किया जा रहा होगा ।

मैं, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के गुजरात स्थित इस एकमात्र संस्थान का नेतृत्व कर गौरवान्वित हूँ जिसका 66 वर्ष से अधिक का लंबा इतिहास है। पूर्ववर्ती नेतृत्वकर्ताओं ने एक लय स्थापित कर इस महान संस्थान को सशक्त और क्षमतावान बनाने का लगातार प्रयास किया है। इस जिम्मेदारी से समाज के विभिन्न वर्गों की अनेकों अपेक्षाएँ होती हैं और मैं इसका अपवाद नहीं हूँ। मुझे केवल फायदा यह है कि मैं इस संस्थान से लगातार दो दशकों से सक्रियता से जुड़ा होने के कारण इससे भली भाँति परिचित हूँ।

संस्थान में मुख्य तौर पर रसायन, जैविक और इंजीनियरिंग जैसे तीन विज्ञान कार्यक्षेत्र हैं। रसायन परिक्षेत्र के अंतर्गत संस्थान नमक एवं समुद्री रसायन, अकार्बनिक पदार्थ व उत्प्रेरण, विश्लेषणात्मक तथा पर्यावरण विज्ञान, और प्राकृतिक उत्पाद व हरित रसायन के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। जैविक विज्ञान के अंतर्गत शैवाल विज्ञान एवं जैवप्रौद्योगिकी, लवण-सहिष्णु पौधों के उन्नत जैविकी केंद्रित पादप ओमिक्स; और इंजीनियरिंग परिक्षेत्र के अंतर्गत, जैवरासायनिक प्रक्रियाओं के डिजाइन और इंजीनियरिंग, नवीकरणीय स्रोतों के अनुप्रयोगों से सयन्त्रों/ उपकरणों / गैजेट के निर्माण से संदर्भित मैकेनिकल इंजीनियरिंग और नमक कार्यों पर जोर के साथ सिविल इंजीनियरिंग शामिल हैं। इस बहुमुखी स्पेक्ट्रम में लगे वैज्ञानिक और इंजीनियर प्रक्रियाओं/प्रौद्योगिकियों के विकास, पेटेंटों और उच्च इम्पैक्ट शोध प्रकाशनों के माध्यम से इन क्षेत्रों की उन्नति में अत्यंत समृद्ध ज्ञान का योगदान कर रहे हैं।

मुझे यह बताने में अपार प्रसन्नता हो रही है कि संस्थान ने 2019-20 में 4.58 के औसत इम्पैक्ट (जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है) के साथ अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जर्नलों में 160 से अधिक शोधपत्रों का प्रकाशन, 28 स्वीकृत व 16 दाखिल पेटेंटों के साथ 2600 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया। पिछले तीन वर्षों में संस्थान ने 14 कंपनियों / उद्यमियों / स्टार्ट-अप को तकनीकों के लाइसेंसीकरण, 84 पेटेंटों की स्वीकृति तथा 80 से अधिक डॉक्टरेट एवं विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 5,000 से अधिक स्कूली छात्रों/ युवा शोधकर्ताओं/ तटीय आबादी को महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता पर ध्यान देने के साथ प्रशिक्षित कर कुशल बनाया है। हाल ही में SSCIMAGO द्वारा घोषित रैंकिंग में इस संस्थान ने भारत के 331 संस्थानों में 33वाँ स्थान प्राप्त किया है।

वर्तमान में संस्थान में बड़ी संख्या में युवा शोधार्थी हैं जो वरिष्ठ शोधकर्ताओं के ज्ञान और अनुभव का लाभ लेते हुये बड़े जोश के साथ इनमें से कई डोमेन में कार्य कर रहे हैं। संस्थान में विश्व-स्तर का केंद्रीकृत उपकरण विश्लेषणात्मक सुविधा, अत्याधुनिक सूचना सेवाओं से युक्त ज्ञान संसाधन प्लेटफ़ॉर्म और एक रचनात्मक कार्यशाला के साथ संवर्धित इंजीनियरिंग सेवा प्रभाग है। संस्थान को अपने वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से समाज और उद्योगों के कल्याण में पूरे जोश के साथ योगदान करता है। मुझे विश्वास है कि आप इस प्रयास में योगदान या लाभ के इच्छुक होंगे। आइये और समाज / उद्योगों को बेहतर बनाने में हमारा हिस्सा बनिये।

यदि आप कोई सुझाव / सुधार / समावेशन देना चाहते हों तो, कृपया director@csmcri.res.in पर मेल करें।

ब्राउज़िंग हेतु शुभकामनाएँ..!!